बिना किसी से पूछे जानें कि हर कॉल कैसी रही।
कुछ सीखने के एक घंटे बाद, आधे से भी कम याद रहता है। एक दिन बाद, एक तिहाई (चार्ट 1)। यह क्लासिक मेमोरी स्टडी है, और इसमें सिर्फ़ अक्षर थे। कॉल में एक नाम, तारीख़, कीमत और एक वादा होता है। शाम छह बजे अपनी टीम से पूछें कि कॉल कैसी रही, तो आपको वही मिलेगा जो उन्हें याद है। वह नहीं जो कहा गया था।
कॉल्स को सेव रखें, तो सवाल बदल जाता है। कुछ जवाब गणित हैं, सीधे फ़ोन के लॉग से: कितनी कॉल्स आईं, पहली से आख़िरी तक, और उनके बीच के शांत घंटे। बाक़ी, यानी असल शब्द, टेप पर होते हैं (टेबल 2)। किसी को याद रखने की ज़रूरत नहीं। जवाब रिकॉर्ड पर है।
“कोई भी दिन भर की कॉल्स को दोबारा प्ले नहीं करता। इसलिए जो सवाल टेप बता सकता है, वे कभी पूछे ही नहीं जाते।”
| गिना हुआ, फ़ोन के लॉग से | सुना हुआ, टेप पर |
|---|---|
| क्या उन्होंने सभी कॉल्स कीं? | क्या उसने पैकेज सही से समझाया? |
| क्या नई लीड को पाँच मिनट में कॉल किया गया, या शाम 6 बजे? | क्या उसने किसी ऐसी चीज़ का वादा किया जो हम नहीं बेचते? |
| क्या मिस्ड कॉल पर कभी कॉलबैक किया गया? | क्या उस ग्राहक से बदतमीज़ी से बात की गई? |
कॉल एक रिकॉर्ड है। जो रिकॉर्ड में पहले से है, वह किसी से नहीं पूछा जाना चाहिए। कॉल्स रिकॉर्ड की जा सकती हैं: यह कंपनी का फ़ोन और SIM है, और टीम को पता है। ग्यारह राज्यों में कॉलर को यह भी सुनाई देता है कि “यह कॉल रिकॉर्ड की जा सकती है” (चार्ट 3)। रिकॉर्डर हर वर्क कॉल को सेव रखता है। यह $5 प्रति व्यक्ति प्रति माह है। Ronic हर कॉल को पढ़ सकता है, इसलिए किसी को उन्हें प्ले करके नहीं सुनना पड़ता। सुबह तक आपको पता चल जाता है कि कॉल्स कैसी रहीं।